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Saturday, May 28, 2016

Shani Jayanti Puja 2016


Shani Jayanti Puja 2016


Shani Jayanti is marked as birth anniversary of Lord Shani. Shani Jayanti is also known as Shani Amavasya. Lord Shani is son of Lord Suryadev and rules planet Saturn and weekday Saturday.

Shani Jayanti is observed on Amavasya Tithi during Jyeshtha month according to North Indian Purnimant calendar. According to South Indian Amavasyant calendar Shani Jayanti falls on Amavasya Tithi during Vaishakha month. It is name of Lunar month which differs and in both type of calendars Shani Jayanti falls on the same day.

Sunday, June 14, 2015

Shani ji in seventh house effects and upay


Shani ji in seventh house effects and upay

सप्तम भाव में शनि का प्रभाव और उपाय
1. सातवें भाव में शनि होतो आदमी कोई भी कार्य शुरू करने के बादहिम्मत नहीं हारता और धन स्थायी रहता है 
2. जिस व्यक्ति के सप्तम भाव में शनि होता है वह स्त्री सुख सेवंचित रहता है यदि शनि निर्बल हो या सप्तम भाव पर शुभ स्थानों पर बैठे शुभ ग्रहोंकी द्रष्टि हो तो कुछ पत्नी सुख प्राप्त होता है , परंतु फिर भी पत्नी के कारणकलहा बनी रहेगी तथा वह दाम्पत्य जीवन का पूर्ण आनंद उठा सकेगा


Sunday, May 17, 2015

Peepal ke upay and sukh samridhi

Peepal ke upay and sukh samridhi


पीपल के इस उपाय से बढ़ती है घर में सुख-समृद्धि.|

श्रीमद्भगवत गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने पीपल को स्वयं का स्वरूप बताया है। इसी वजह से मान्यता है कि पीपल की पूजा से दरिद्रता दूर होती है, सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। नियमित रूप से विशेष शुभ मुहूर्त में पीपल की पूजा करनी चाहिए। यहां जानिए पीपल के पूजन की सामान्य विधि
जिस दिन पीपल का पूजन करना है, उस दिन सूर्योदय के पहले जागकर स्नान आदि नित्य कर्मों से निवृत्त हो जाएं। इसके बाद सफेद कपड़े पहनकर किसी ऐसे स्थान पर जाएं जहां पीपल स्थित हो। पीपल की जड़ में गाय का दूध, तिल और चंदन मिला हुआ पवित्र जल अर्पित करें।

Sunday, May 3, 2015

Shani Ke Upay


 Shani Ke Upay

शनि के उपाय

जिनकी कुण्डली में शनि कमज़ोर हैं या शनि पीड़ित है उन्हें काली गाय का दान करना चाहिए. काला वस्त्र, उड़द दाल, काला तिल, चमड़े का जूता, नमक, सरसों तेल, लोहा, खेती योग्य भूमि, बर्तन अनाज का दान करना चाहिए. शनि से सम्बन्धित रत्न का दान भी उत्तम होता है. शनि ग्रह की शांति के लिए दान देते समय ध्यान रखें कि संध्या काल हो और शनिवार का दिन हो तथा दान प्राप्त करने वाला व्यक्ति ग़रीब और वृद्ध हो.शनि के कोप से बचने हेतु व्यक्ति को शनिवार के दिन एवं शुक्रवार के दिन व्रत रखना चाहिए. लोहे के बर्तन में दही चावल और नमक मिलाकर भिखारियों और कौओं को देना चाहिए. रोटी पर नमक और सरसों तेल लगाकर कौआ को देना चाहिए. तिल और चावल पकाकर ब्राह्मण को खिलाना चाहिए. अपने भोजन में से कौए के लिए एक हिस्सा निकालकर उसे दें. शनि ग्रह से पीड़ित व्यक्ति के लिए हनुमान चालीसा का पाठ, महामृत्युंजय मंत्र का जाप एवं शनिस्तोत्रम का पाठ भी बहुत लाभदायक होता है. शनि ग्रह के दुष्प्रभाव से बचाव हेतु गरीब, वृद्ध एवं कर्मचारियो के प्रति अच्छा व्यवहार रखें. मोर पंख धारण करने से भी शनि के दुष्प्रभाव में कमी आती है.