Sunday, November 29, 2015

Astro Remedies for Addiction of Alcohol

Astro Remedies for Addiction of Alcohol 


क्या आप के पति या घर का कोई सदस्य रोज शराब पीते है?

शराब के कारण आप के घर मे कलह का बातावरण रहता है?

Importance of Blessings Aashirwad

Importance of Blessings Aashirwad


आशीर्वाद का महत्‍व

जीवन में आशीर्वाद का बड़ा महत्व होता है। यदि आप किसी का आशीर्वाद ले रहे हैं तो समझ लें की आप अपने लिए कवच तैयार कर रहे हैं क्योंकि कब, कहा, किसका आशीर्वाद काम आ जाए कहा नहीं जा सकता। इसलिए इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बड़ों का सम्मान व छोटों को स्नेह हमेशा दें।

Thursday, October 29, 2015

Perfume se vashikaran kare aur kismat badle

Perfume se vashikaran kare aur kismat badle


क्या आप जानते हैं इत्र से किसी को भी वशीभूत किया जा सकता है और इत्र की खुशबू से आप आपनी किस्मत भी बदल सकते हैं।
ज्योतिष के अनुसार अपनी राशि के अनुसार परफ्युम का उपयोग करने से अपनी राशि के स्वामी को खुश कर सकते हैं-

Friday, October 2, 2015

Things to Donate in Shradh Pitrapaksh

Things to Donate in Shradh Pitrapaksh


Water: Water is very important in our life. We can’t imagine life without water. We can’t perform any rituals. It is very beneficial to offer water to pitra in palm. You can pour water to the peeple tree before sunrise. It gives peace to pitra. But do not waste water during Pitrapaksha.

Shradh mei kare pitra dosh ke achook upay

Shradh mei kare pitra dosh ke achook upay

जिस व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष होता है, उसके लिए भी श्राद्ध पक्ष का समय विशेष होता है क्योंकि इन 16 दिनों में किए गए कर्मों के आधार पर ही पितृ दोष से मुक्ति मिलना संभव है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, जो लोग श्राद्ध पक्ष के दौरान अपने पितरों का तर्पण, पिण्डदान व श्राद्ध नहीं करते, उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उनमें से कुछ समस्या इस प्रकार है- 

1. जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष होता है उनके यहां संतान होने में समस्याएं आती हैं। कई बार तो संतान पैदा ही नहीं होती और यदि संतान हो जाए तो उनमें से कुछ अधिक समय तक जीवित नहीं करती है। 

Sunday, August 30, 2015

Planets according to relatives

Planets according to relatives


ग्रह अपने आसपास रिश्तेदार के रूप में है.
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ग्रह का रूप अपने रिस्तेदार के रूप में भी सामने आता है,
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सूर्य
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ग्रहों में सूर्य को पिता के स्वरूप में जाना जाता है ज्यादातर सभी जगह पुत्र का नाम पिता के द्वारा ही दिया जाता है, पिता के द्वारा ही जन्म सम्भव है,यानी सूर्य पिता है,सूर्य आत्मा और सांस को देने वाला है, जो एक दिन और रात में इक्कीस हजार छ: सौ बार सांस का आना जाना है,वह केवल सूर्यपि रूपी पिता के द्वारा दिये गये जीवन के द्वारा ही संभव है,नाम जाति गोत्र बनावट सब पिता पर ही निर्भर करते है,

Saturday, August 29, 2015

Why women are not allowed to break coconut

Why women are not allowed to break coconut


रहस्य: नारी इस कारण कभी नहीं फोड़ती नारियल

नारियल को श्रीफल के नाम से भी जाना जाता है। ऐसी मान्यता है की जब भगवान विष्णु ने पृथ्वी पर अवतार लिया तो वे अपने साथ तीन चीजें- लक्ष्मी, नारियल का वृक्ष तथा कामधेनु लाए इसलिए नारियल के वृक्ष को श्रीफल भी कहा जाता है। श्री का अर्थ है लक्ष्मी अर्थात नारियल लक्ष्मी व विष्णु का फल।