Showing posts with label isht dev ko prasann kare. Show all posts
Showing posts with label isht dev ko prasann kare. Show all posts

Sunday, June 14, 2015

Kaun hai aapke Isht Dev


Kaun hai aapke Isht Dev


अपना कल्याण चाहते हैं तो करें अपने इष्ट देव की इबादत

राशि और लग्न के हिसाब से सभी राशियों के अलग-अलग इष्ट देव और उपास्य देव होते हैं। जातक को किस देवी-देवता की अराधना करनी चाहिए जिससे की उसे मनोवांछित फल प्राप्त हो सकें। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार राशि और लग्न के आधार पर अपने-अपने देवी-देवता की पूजा और भक्ति करने से आशातीत लाभ होता है। इधर-उधर भटकने की बजाय उनकी इबादत को अपनाकर हर कोई अपना कल्याण कर सकता है। अपने इष्ट का सिमरण पाप नाशक और मोक्षदायक माना गया है।