Kaun hai aapke Isht Dev
अपना कल्याण चाहते हैं
तो करें अपने
इष्ट देव की
इबादत
राशि और लग्न
के हिसाब से
सभी राशियों के
अलग-अलग इष्ट
देव और उपास्य
देव होते हैं।
जातक को किस
देवी-देवता की
अराधना करनी चाहिए
जिससे की उसे
मनोवांछित फल प्राप्त
हो सकें। ज्योतिषशास्त्र
के अनुसार राशि
और लग्न के
आधार पर अपने-अपने देवी-देवता की पूजा
और भक्ति करने
से आशातीत लाभ
होता है। इधर-उधर भटकने
की बजाय उनकी
इबादत को अपनाकर
हर कोई अपना
कल्याण कर सकता
है। अपने इष्ट
का सिमरण पाप
नाशक और मोक्षदायक
माना गया है।